लड़ाइयाँ

कुछ लड़ाइयाँ तुम्हें खुद ही लड़नी होती हैं, तुम्हारे भीतर जो बवंडर है उसे संभाल कर रखना, काम आएगा साँस के साथ, अगर हो सके तो शांति का घूँट पी लेना ना चाहते हुए हाथ गुस्से का जाम आएगा मगर तुम पीना नहीं क्योंकि वो छलावा है ये संसार के रिश्ते एक दिखावा है जो…

भिंडी की सब्जी

भिंडी की सब्जी मुझे बहुत पसंद है माँ हमेशा कहती है भिंडी को धोकर फिर अच्छी तरह पोंछ कर तब काटना चाहिए चाकू पर चिपचिपाहट नहीं रहती आज कई महीनो बाद घर आई तो माँ ने कहा भिंडी बनाती हूँ तेरे लिए और लाकर रख दी मेरे सामने पानी में डाली हुई भिंडी बड़ी शिद्दत…

चलो आज रोया जाए।

Pic Credits : pexels.com चलो आज रोया जाए, पुरानी यादों को जो सालों से संजोया था, आज उन यादों के तले बने हुए नासूरों को, एक बार फिर से कुरेदा जाए। हम रोते जाएंगे आप चुप मत कराना, छू-अछूत सा होता है दर्द, आप ज़रा भी मेरे पास ना आना। रुख़सार से जो सरके आंसू-ए-ग़म…

The Irony of My Life

I want to travel the world but inside my home, You’re my family, I want you to know! I want to open up but I chose to stay silent, Why? I just don’t know! Maybe I’m disguised as an extrovert, trapped in a fake world. I can see a dessert, Drizzled with snow, Though, It’s…

Happy Birth Day Mommy!!

माँ एक शब्द नहीं, गहरा विचार है तेरा हिस्सा हैं हम तू हमारा पूरा संसार है जितना आपने कर दिया हमारे लिए उतना हम कभी कर नहीं पाएंगे पर जब तक सांस है शरीर में आपके लिए कुछ करते ही जाएंगे बाकी कोई गारंटी नहीं पर आपके अच्छे बच्चे बनकर दिखाएंगे आज जो हैं हम…

चल आज धूम मचाते हैं

  चल आज धूम मचाते हैं, फिर से आज पुराने यारों को घर बुलाते हैं। कही खो से गए हैं सब के सब, आज फिर उन बिछड़े पंछियों को दोबारा मिलाते हैं। न जाने कहा उड़ रहे होंगे वो, जो कल एक साथ फड़फड़ाया करते थे, कल तक जिनका घर पर ताँता लगा रहता था,…

परिवर्तन

आखिर कब तक पीछा छुड़ाएगा, कब तक सफेद चादर दाग से बच पायेगा।? तुझे अलग होता तेरा स्वरूप, तुझे अंतर बनकर नज़र आ ही जायेगा, तू छिपता रहा जिससे जीवन भर, तुझे चेहरा वो आज दिखाएगा, आएगा.. तुझमें, जिसका नाम है परिवर्तन, तू खो रहा है, अपने जमीर का समर्थन। नहीं, परिवर्तन सदा तेरी सोच…

Gully Boy

हर सांस में हुक्का खींचू मैं तुम साथ मेरे ना सांस खींचना बस ख़ामोशी को गले लगाकर जब चाहे तुम चीखना मैं उँगलियाँ फिराऊँ जहाँ फूल भी राख बन जाते तुम फिर से लगना काम पर उस राख से पेड़ सींचना तू आ मेरे साथ चल या यहीं मेरा हाथ छोड़ दे मैं आर या…

मिलन

ज़िंदगी इतनी खूबसूरती से लिखी ना गई होती हमारी अगर एक पन्ना तुम्हारे नाम ना होता किस्से ना होते इतने मशहूर इस नाचीज के अगर नशा करने के लिए आपने पिलाया जाम ना होता यूँ ही फिरते दर-बदर बिना मंजिल की समझ के कि तुम्हारा साथ मिलना हमें, आसान ना होता साँसों ने छोड़ दिया…

ना का मतलब… ना

मैं दामन थामे बैठी हूँया चोली बिछाए बैठी हूँमैं महलों के चौबारों में हूँया कोटों पर आशियाना लुटाए बैठी हूँना लिखना किस्से जिस्म पर मेरेगर मैं ना कहाए बैठी हूँ मैं बिक कर आई साथ तेरेया तेरे संग ब्याहे बैठी हूँमैं कल की नई नवेली हूँया दशकों पहले आए बैठी हूँना लिखना किस्से जिस्म पर…