उपहार

देता हूं तुझको एक उपहार, तेरे दो कौड़ी के जज़्बात, लोग, उड़ाएंगे तेरा उपहास, बदलेगा नहीं ये इतिहास, तू रह जायेगा नदिया के इस पार, तेरी, नौका टूटी हुई है, तेरी, क़िस्मत फूटी हुई है, तेरी तबियत अभी ठीक नहीं हुई है। तेरा घाव अभी कच्चा है, बेटा, तू आज भी एक बच्चा है, दिखावे…

क़त्ल

तेरी सोच, हिम्मत, तेरा जोश। तेरी सोच, हिम्मत, तेरा जोश। होंगे कई क़त्ल, उड़ेंगे तेरे होश। होंगे कई क़त्ल, उड़ेंगे तेरे होश। एक दिन, एक दिन, एक दिन वो ऐसा आएगा, सब कुछ भूलता आया था, तब भूल कुछ नहीं पायेगा, काली रात कट जायेगी, सूरज सर चढ़ आएगा, पारा बढ़ जाएगा, क्रोध तेरे अंदर…