तेरी सोच, हिम्मत, तेरा जोश।
तेरी सोच, हिम्मत, तेरा जोश।
होंगे कई क़त्ल, उड़ेंगे तेरे होश।
होंगे कई क़त्ल, उड़ेंगे तेरे होश।

एक दिन, एक दिन,
एक दिन वो ऐसा आएगा,
सब कुछ भूलता आया था,
तब भूल कुछ नहीं पायेगा,
काली रात कट जायेगी,
सूरज सर चढ़ आएगा,
पारा बढ़ जाएगा,
क्रोध तेरे अंदर का,
तुझको है जलाएगा,
तू जागना तब चाहेगा,
पर जाग नहीं पायेगा,
अकेला, था तू पहले,
अकेला ही रह जायेगा।
ज़िन्दगी का नाम देकर,
सबको खुश कर जाएगा
सबका दिल दहल जाएगा,

क़त्ल,

क़त्ल, होगा तेरे जज़्बातों का,
तेरी आशाओं का,
बचा कर रखना,
क़त्ल होगा तेरी भावनाओं का,
परखने का, सोचने का,
अब समय नहीं विरोध करने का।
ऊपर वाले का,
न होगा सर पर हाथ,
तेरी आस, होगी जैसे सूखी घास,
तेरा विश्वास, लगेगी इसमें आग!
एक क़त्ल हुआ आज,
अनेक हैं, आज के बाद,
टेढ़ी नहीं, सीधी-सी थी ये बात,
थी तेरी सोच,
तेरी हिम्मत, तेरा जोश,
होंगे क़त्ल, अब उड़ेगा तेरा होश!!
थी तेरी सोच,
तेरी हिम्मत, तेरा जोश,
होंगे क़त्ल, अब उड़ेगा तेरा होश!!

 

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