sunoसुनो,
मैं यहीं रहूँगी
तुम जब मुड़कर देखोगे
यहीं, मुस्कुराती हुई
तुम्हारे जाने का गम छुपाती हुई

मगर, तुम बस मुड़कर देखना
वापस नहीं आना
जो तुम पाने जा रहे हो
वो छोड़कर नहीं आना

कोई बात नहीं, जब थक जाओगे
तो महसूस करना, मैं वहीँ होऊंगी
साथ लिए हमारी हंसी की किलकारियाँ

कोई बात नहीं, जब डर लगने लगे
रुकना, आँखें बंद करना
मैं तुम्हारे साथ ही चल रही होऊंगी
बनती तुम्हारी रेखाओं की कलाकारियाँ

कोई बात नहीं, जब हार जाओगे
दूर तक ढूँढना मुझे
मैं खुश होकर
मना रही होऊंगी तुम्हारी मेहनत को

कोई बात नहीं, अगर बेरंग लगे दुनिया
आसमान की तरफ देखना
हमारे प्यार के रँगों से मैं
सजा रही होऊंगी जन्नत को

और हाँ, जब मन भर जाए
तो लौट आना मेरी बाहों में
फिर से
जीने अपनी ज़िंदगी
हमारी ज़िंदगी
जो हमने बुनी थी
हाथ में हाथ डालकर
चलते हुए ज़िंदगी की राहों में

सुनो, मैं यहीं रहूँगी
मुस्कुराती हुई
तुम्हारा इंतज़ार करुँगी…..

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