दोस्ती से प्यार तक

cbf49021-8c95-4ee6-8c6a-05d8c2c30563

जानती थी उसे कई दिनों से,
या यूँ कहूं कई महीनों से, सालों से
उसके जवाबों से, उसके सवालों से
खाना नहीं सिर्फ, हमने यादों बांटीं थी
साथ ज़िंदगी के अच्छे-बुरे सब हिस्से
सारी काली, रंग-बिरंगी रातें काटीं थी
नमीं से भरी आँखों में, आसूंओं का रंग पहचाना था
दुःख के थे या हंसी के, या सच छिपाने का बहाना था
हमारी रूहें हमसे ज्यादा, एक दूसरे को पहचानती थी
हाँ, मैं उसे कई सालों से जानती थी

मगर उस दिन, वो एक गहरी मुस्कराहट साथ लेकर आया था
लब खोलने से पहले थोड़ा हिचकिचाया था
मेरी नज़रों से नजरें मिलाई, धीरे से मेरा नाम लिया
और मेरी बची हुई ज़िंदगी का आधा हिस्सा मांग लिया
मैं सहम गई थी थोड़ी, धड़कनें एक पल को रूक सी गई थी
हाँ, मैंने सोचा था ऐसा बहुत बार, मगर ये अनुभूति नई थी
दिल गिटार बजा रहा था, लब खुद-ब-खुद मुस्कुरा रहे थे
दिमाग सुन्न था, आँखों के सामने भविष्य के मंजर मंडरा रहे थे
पेट में तितलियाँ, नसों में तेज लहू, कान कुछ सुन नहीं पा रहे थे
और बेखबर गर्दन हिलाकर, मेरा दिल हामी भर गया
उस दिन हमारी दोस्ती का रिश्ता प्यार में बदल गया

Advertisements

1 Comment

  1. Bohot acha !!! Aisa lgta hai ki kuch unkahi feelings bahar aarhi ho ! Tumhare words ne sabke sath hone wale experiences mei jaan fukk di hai !! Congratulations you’re a 💫. Please do write more

    Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s