दूसरा मौका

ये दोस्ती की गज़लें प्यार के गीत ना गुनगुनाएं तो कहना जो तेरा दामन भी मेरे रंग में ना रंग जाए तो कहना इश्क़ की सब कहानियाँ दर्द के साथ खत्म हो ज़रूरी नहीं ये किस्सा तुम्हारी ज़िंदगी में फिर प्यार ना भर जाए तो कहना कभी तो मुस्कुराया करो दिल खोल कर क्यूँ हंसी…

कैदी

कहो कुछ तो ऐसा कि सुकून मिल जाए मेरे सोए हुए सपनों को जूनून मिल जाए याद दिलाओ मुझे फिर से, वो बहादुरी के किस्से मेरी सूख चुकी रगों को फिर खून मिल जाए वो वक़्त कहीं पास ही छूटा, जहां हौसला मजबूत था जहां मेरे शब्दों का अर्थ और मेरा एक वजूद था बस…