चल आज धूम मचाते हैं

  चल आज धूम मचाते हैं, फिर से आज पुराने यारों को घर बुलाते हैं। कही खो से गए हैं सब के सब, आज फिर उन बिछड़े पंछियों को दोबारा मिलाते हैं। न जाने कहा उड़ रहे होंगे वो, जो कल एक साथ फड़फड़ाया करते थे, कल तक जिनका घर पर ताँता लगा रहता था,…

परिवर्तन

आखिर कब तक पीछा छुड़ाएगा, कब तक सफेद चादर दाग से बच पायेगा।? तुझे अलग होता तेरा स्वरूप, तुझे अंतर बनकर नज़र आ ही जायेगा, तू छिपता रहा जिससे जीवन भर, तुझे चेहरा वो आज दिखाएगा, आएगा.. तुझमें, जिसका नाम है परिवर्तन, तू खो रहा है, अपने जमीर का समर्थन। नहीं, परिवर्तन सदा तेरी सोच…

Gully Boy

हर सांस में हुक्का खींचू मैं तुम साथ मेरे ना सांस खींचना बस ख़ामोशी को गले लगाकर जब चाहे तुम चीखना मैं उँगलियाँ फिराऊँ जहाँ फूल भी राख बन जाते तुम फिर से लगना काम पर उस राख से पेड़ सींचना तू आ मेरे साथ चल या यहीं मेरा हाथ छोड़ दे मैं आर या…

मिलन

ज़िंदगी इतनी खूबसूरती से लिखी ना गई होती हमारी अगर एक पन्ना तुम्हारे नाम ना होता किस्से ना होते इतने मशहूर इस नाचीज के अगर नशा करने के लिए आपने पिलाया जाम ना होता यूँ ही फिरते दर-बदर बिना मंजिल की समझ के कि तुम्हारा साथ मिलना हमें, आसान ना होता साँसों ने छोड़ दिया…