चलो आज रोया जाए।

sunset love lake resort

Pic Credits : pexels.com

चलो आज रोया जाए,
पुरानी यादों को जो सालों से संजोया था,
आज उन यादों के तले बने हुए नासूरों को,
एक बार फिर से कुरेदा जाए।
हम रोते जाएंगे आप चुप मत कराना,
छू-अछूत सा होता है दर्द,
आप ज़रा भी मेरे पास ना आना।
रुख़सार से जो सरके आंसू-ए-ग़म हमारे,
छूना मत ज़रा भी, बस बहने तुम उनको देना,
हम आज रोएंगे जी भर के,
आप बस रोने हमको देना।
आहें भरेंगे रात भर,
सुनहरे लम्हों को याद कर,
निकल गए हमारे हाथों से,
बिना हमको हुए खबर।
सोचना है हमको रात भर,
बैठे हुए हैं कुछ ख़्वाब संजोकर,
चन तस्वीरों को दिल से लगाकर,
या तो ये ख़्वाब टूट जाए हमारे
दर्द-ए-ग़म से रूबरू होकर,
या फिर हमको छोड़ जाए,
तड़पते हुए, पैरों तले कुचलकर।
ना मांगेंगे हम आपसे वो महंगे मरहम,
दो लफ्ज़ तक प्यार के ना सुन पाएंगे हम,
अरे! जाईए अब और ना दिल की बात बताएंगे हम,
ज़हर को पानी की तरह सीधे पी जाएंगे हम,
आज की रात बस रो कर ही बिताएंगे हम।
आप रोकियेगा मत,
हमारे आंसुओ को, पोछिएगा मत,
वरना आपसे ही रूठ जाएंगे हम।
इस कश्मकश का ईलाज ना किया जाए,
अतीत से मिलकर एक समझौता कर लेंगे
बस हमको आज जी भर के रोने दिया जाए,
हँस तो हम फिर किसी और दिन भी लेंगे।
जो हम आज ना रोए सुकून से,
हम कल फिर रोते नज़र आएंगे,
आप फिर हमको चुप करवाना,
और हम फिर एक बार आपकी याद में रोते ही रह जाएंगे।

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