कविता ही क्यूँ!?

कविता ही क्यूँ, उसने मुझसे पूछा, और भी तो तरीके हैं – इज़हार करने के, क्या ज़वाब देता, तेरी खूबसूरती … More

आज़ादी

दर्द जो तूने दिया कितना गहरा उतरा सीने में ना ख़ुशी रही ना हसीं रही तब एक पल भी जीने … More

इश्क़

जिस्मों के मिलने का इंतज़ार नहीं करती मोहब्बत रूह के धागे हाथ में आते ही परवान चढ़ जाती है डूब … More

स्कूल की यादें

कभी रुक के याद मुझे भी कर ले जो तुझे ख़ुशी देता था वो वक़्त हूँ मैं नाम जो स्कूल … More

उपहार

देता हूं तुझको एक उपहार, तेरे दो कौड़ी के जज़्बात, लोग, उड़ाएंगे तेरा उपहास, बदलेगा नहीं ये इतिहास, तू रह … More

क़त्ल

तेरी सोच, हिम्मत, तेरा जोश। तेरी सोच, हिम्मत, तेरा जोश। होंगे कई क़त्ल, उड़ेंगे तेरे होश। होंगे कई क़त्ल, उड़ेंगे … More

एक बात

एक बात मेरे दिल में है एक बात तेरे दिल में है, बातों ही बातों में, दिल गुम हैं, हैं … More

जान-पहचान

सालों गुज़र गए मुझे, ‘मैं’ बने हुए, अपने नाम का बोझ लिए हुए, खुद के आस्तित्व को संभाले, अपनी ही … More

Untitled

इरादे वो नहीं हमारे जो कभी पहले हुआ करते थे आज तो कहानियाँ भी सिर्फ झूठ बोलती हैं हाथ थामते … More